बागेश्वर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने SIR कार्य के दबाव को वजह बताया, जबकि अधिकारियों ने इनकार किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उत्तराखंड के बागेश्वर से आई ये खबर सिर्फ एक मौत की नहीं, बल्कि सवालों की लंबी कतार खड़ी कर रही है...दरअसल, बागेश्वर जिले के कांडा क्षेत्र के बांसतोली गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका मिला। वही मृतका की पहचान कमला देवी के रूप में हुई है, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तौर पर सेवा दे रही थीं और वर्तमान में बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह कमला देवी अपने पति के साथ चाय पीने के बाद घर से बाहर निकलीं… लेकिन कुछ देर बाद ही उनका शव घर के पास खेत में एक पेड़ से लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रथम दृष्टया पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है, हालांकि हर एंगल से जांच जारी है। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब मृतका के पति ने SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के दबाव को इस घटना की वजह बताया। पति का आरोप है कि कमला देवी को मतदाता सूची से जुड़े अट्ठासी नोटिस बांटने थे, और इसी काम के लगातार दबाव, अधिकारियों के फोन कॉल और लोगों की नाराजगी के चलते वो मानसिक तनाव में थीं।
वहीं, निर्वाचन विभाग के अधिकारी का कहना है कि कमला देवी ने सभी नोटिस समय पर वितरित कर दिए थे और उन्होंने कभी किसी दबाव की शिकायत नहीं की। बता दे , कमला देवी परिवार की आर्थिक रीढ़ थीं। उनके दो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और अब उनके जाने से परिवार गहरे संकट में आ गया है। घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग उठाई है।