उत्तराखंड का बेटा बना फ्लाइंग ऑफिसर, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

बागेश्वर के पातल गांव निवासी पवन बचखेती भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। AFCAT के जरिए चयनित पवन ने हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

उत्तराखंड का बेटा बना फ्लाइंग ऑफिसर,  पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
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बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक छोटे से गांव से निकले युवा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। ग्राम पंचायत सिंगलार के पातल निवासी पवन बचखेती भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त करने में सफल हुए हैं। जानकारी के अनुसार पवन बचखेती का चयन एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) के माध्यम से भारतीय वायुसेना अकादमी, हैदराबाद के लिए हुआ था। चयन के बाद उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक कठोर और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त किया। 13 जून 2026 को आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्होंने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करते हुए भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हासिल किया। पवन बचखेती एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लक्ष्मी दत्त बचखेती भारतीय सेना की 4 कुमाऊं रेजिमेंट से नायक सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं। बचपन से ही पवन के मन में देश सेवा का जज्बा था और उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत की। पवन की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं पूरे गांव और क्षेत्र में भी गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता पहाड़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। ग्रामीणों का कहना है कि पवन बचखेती ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी यह उपलब्धि न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। पवन बचखेती की सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो देश सेवा का सपना देखते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का संदेश देता है।

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