शिक्षकों का आरोप है कि छात्र के दरोगा पिता और परिजनों ने कॉलेज पहुंचकर मारपीट और हंगामा किया। घटना के वीडियो और CCTV फुटेज वायरल हैं, जबकि दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।
देहरादून के राजकीय पॉलिटेक्निक पिट्ठूवाला से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा जगत के साथ-साथ पुलिस महकमे पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि परीक्षा के दौरान एक छात्र को संदिग्ध गतिविधियों और नकल के शक में रोका गया। शिक्षकों ने उससे पूछताछ की और स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन अगले ही दिन मामला इतना बढ़ गया कि छात्र के परिजन कॉलेज पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा हो गया।
बता दे, शिक्षकों और कर्मचारियों का आरोप है कि छात्र के पिता, जो पुलिस विभाग में दरोगा हैं, अपने परिजनों के साथ कॉलेज पहुंचे और परीक्षा नियंत्रण कक्ष में शिक्षकों के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की और मारपीट की। इतना ही नहीं, कुर्सियां फेंकने और थप्पड़ मारने के आरोप भी लगाए गए हैं। पूरी घटना के कुछ वीडियो और CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर छात्र के परिजनों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उनके बेटे के साथ शिक्षकों ने दुर्व्यवहार किया था, जिसके विरोध में वे कॉलेज पहुंचे थे। घटना के बाद शिक्षक और कर्मचारी विरोध में उतर आए हैं। काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब शिक्षकों के लिए परीक्षा में नकल रोकना भी चुनौती बनता जा रहा है?