“उत्तराखंड STF ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में रजिस्टर किए जा रहे थे
उत्तराखंड STF ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत फर्जी शस्त्र लाइसेंस के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, STF को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड में रजिस्टर कराया जा रहा है और इनका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने देहरादून के वसंत विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बता दे, जांच के दौरान टीम ने देहरादून, मेरठ और पंजाब के सरकारी कार्यालयों से जानकारी जुटाई, जिसमें सामने आया कि एक शस्त्र लाइसेंस, जो अमृतसर से जारी दिखाया गया था, वो असल में फर्जी है। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए शिमला बाईपास रोड से अमित यादव नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वही आरोपी के कब्जे से एक अवैध शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि बड़े स्तर पर बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड के कई जिलों में दर्ज कराए जा रहे हैं
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में फर्जी लाइसेंस धारकों पर एसटीएफ की पैनी नजर है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।