BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ को CJM कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोशल मीडिया पोस्ट और अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े विवाद में गिरफ्तार किए गए सुरेश राठौड़ की जमानत याचिका अदालत ने मंजूर कर ली है।
उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े विवाद के मामले में गिरफ्तार किए गए भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ को अदालत से बड़ी राहत मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। जानकारी के अनुसार, देहरादून के डालनवाला कोतवाली में सुरेश राठौड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 14 जून को मामले में एक अतिरिक्त धारा जोड़ने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सुरेश राठौड़ लगातार जांच में सहयोग कर रहे थे। साथ ही उन्हें पहले भी नोटिस देकर छोड़ा गया था। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि मामले में लगाई गई अधिकांश धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत दी जा सकती है। कोर्ट ने सुरेश राठौड़ को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।