हल्द्वानी में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ₹380 की जींस का रिफंड कराने की कोशिश कर रही एक महिला को खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताने वाले साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया।
हल्द्वानी में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 380 रुपये की जींस का रिफंड कराने की कोशिश एक महिला को भारी पड़ गई और साइबर ठगों ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर ऐसा जाल बिछाया कि महज 17 मिनट की बातचीत में महिला के बैंक खाते से एक लाख रुपये साफ हो गए। जानकारी के मुताबिक, पीलीकोठी निवासी एक महिला ने मई के अंतिम सप्ताह में ऑनलाइन जींस मंगाई थी। वही चार जून को पार्सल मिलने के बाद सामान पसंद नहीं आने पर उन्होंने रिफंड के लिए इंटरनेट पर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर तलाशना शुरू किया। कुछ देर बाद एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और रिफंड की पूरी प्रक्रिया कराने का भरोसा दिलाया। बता दे, महिला उसकी बातों में आ गई और करीब 17 मिनट तक बातचीत चलती रही। आरोप है कि इसी दौरान ठग ने महिला से गूगल-पे और बैंकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लीं। फिर कुछ ही देर बाद महिला के खाते से एक लाख रुपये निकल गए। वही मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। घटना के बाद महिला ने मुखानी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल करने वाले नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच की जा रही है। ऐसे में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रिफंड, कैशबैक या कस्टमर केयर के नाम पर आने वाली किसी भी कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, UPI पिन या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें। छोटी सी लापरवाही बड़ी साइबर ठगी का कारण बन सकती है।