उमेश पटेल के समर्थन में फेसबुक पोस्ट करना कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को भारी पड़ गया। पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
एक फेसबुक पोस्ट… और छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मच गया सियासी बवाल! बता दे , PCC अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पहले से ही चर्चाएं गर्म थीं, तभी एक पोस्ट ने पार्टी के अंदर नई हलचल पैदा कर दी। दरअसल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार ने सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नेता उमेश पटेल के समर्थन में पोस्ट कर दी। वही पोस्ट में उन्होंने इशारों-इशारों में उमेश पटेल को प्रदेश कांग्रेस की कमान देने की पैरवी कर दी।
लेकिन पार्टी संगठन को ये अंदाज पसंद नहीं आया। कांग्रेस ने इसे अनुशासन के दायरे से बाहर मानते हुए अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वही अब उनसे तीन दिन में जवाब मांगा गया है। पार्टी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि संगठन से जुड़े बड़े फैसलों पर सार्वजनिक समर्थन या विरोध की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लेकिन बड़ा सवाल ये है… क्या यह सिर्फ एक फेसबुक पोस्ट पर कार्रवाई है या PCC अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान का संकेत? फिलहाल, एक पोस्ट ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सियासत का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी के अंदर की तस्वीर और साफ हो सकती है।