हल्द्वानी का 1.75 लाख टन कचरा खत्म! गौलापार का ट्रंचिंग ग्राउंड का THE END

हल्द्वानी शहर को जल्द ही कूड़े के पहाड़ों से राहत मिलने वाली है। गौलापार ट्रेंचिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा लगभग 1.75 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का कार्य शुरू हो गया है।

हल्द्वानी का 1.75 लाख टन कचरा खत्म! गौलापार का ट्रंचिंग ग्राउंड का THE END
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हल्द्वानी शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल गौलापार ट्रंचिंग ग्राउंड का कूड़े का पहाड़ अब जल्द इतिहास बनने वाला है। बता दे, वर्षों से जमा लाखों मीट्रिक टन कचरे और उससे उठने वाली बदबू ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रखी थीं। लेकिन अब नगर निगम ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, नगर निगम गौलापार ट्रंचिंग ग्राउंड में जमा करीब 1 लाख 75 हजार मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट के निस्तारण पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित कंपनी जल्द काम शुरू करेगी। गौरतलब है कि जनवरी में पुराना अनुबंध समाप्त होने के बाद यहां लगा प्लांट बंद हो गया था, जिससे एक बार फिर कूड़े का ढेर बढ़ने लगा था। अब नए प्लांट के माध्यम से पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से चरणबद्ध ढंग से हटाया जाएगा।


वहीं नगर निगम ने नए और पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 220 मीट्रिक टन कचरे के लिए भी अलग मशीनें लगाई जा रही हैं ताकि भविष्य में कूड़े का पहाड़ दोबारा न बन सके। साथ ही कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने कानपुर की एक फर्टिलाइजर कंपनी के साथ समझौता किया है। इसके तहत गीले कूड़े को प्रोसेस कर उससे जैविक खाद तैयार की जा रही है।
 

इस ट्रंचिंग ग्राउंड में सिर्फ हल्द्वानी ही नहीं बल्कि जिले के अन्य निकायों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का कचरा भी डंप किया जाता है। ऐसे में यह परियोजना पूरे क्षेत्र के लिए राहत लेकर आने वाली है। नगर निगम का दावा है कि योजना पूरी होने के बाद गौलापार क्षेत्र को कूड़े के पहाड़, गंदगी और बदबू से स्थायी राहत मिलेगी और शहर स्वच्छता की दिशा में एक नई मिसाल कायम करेगा।

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