गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर शहर के विभिन्न स्थानों पर छबील और लंगर का आयोजन कर राहगीरों को शीतल जल, शरबत और प्रसाद वितरित किया गया। संगत ने सेवा, और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
धर्म, मानवता और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सिखों के पांचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी की शहादत को आज हल्द्वानी में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया।आपको बात दे गुरु जी के बलिदान दिवस पर सिख समुदाय ने सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश करते हुए विभिन्न स्थानों पर छबील और लंगर का आयोजन किया। तो वही भीषण गर्मी के बीच शहर के कई इलाकों में राहगीरों को शीतल जल, शरबत और प्रसाद वितरित किया गया। ओर वहा बड़ी संख्या में लोगों ने छबील और लंगर में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया ओर गुरु अर्जुन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर संगत ने गुरु जी के बताए सेवा, त्याग, समर्पण और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


कार्यक्रमों के दौरान गुरबाणी का पाठ और अरदास की गई ओर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई। तो वही सिख समुदाय के लोगों ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन सत्य, धर्म और मानव सेवा के मूल्यों को अपनाने का संदेश देता है।
बता दे गुरु अर्जुन देव जी की शहादत हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। हल्द्वानी में आयोजित इन सेवा कार्यों ने एक बार फिर भाईचारे और मानव कल्याण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।