हल्द्वानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली गौला नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। एक सप्ताह में नदी का प्रवाह 10 क्यूसेक कम हो गया है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हल्द्वानी की जीवनरेखा कही जाने वाली गौला नदी अब चिंता बढ़ाने लगी है। लगातार पड़ रही गर्मी और मौसम की मार का असर अब नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि बीते एक सप्ताह में गौला बैराज में पानी का प्रवाह करीब 10 क्यूसेक तक घट गया है। दरअसल, सिंचाई विभाग के अनुसार 22 मई को गौला बैराज में 94 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया था, जो अब घटकर 84 क्यूसेक रह गया है। यानी महज सात दिनों में नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
वही अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेयजल और सिंचाई व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित की जा रही है। बता दे, वर्तमान में जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी दिया जा रहा है, जबकि सिंचाई कार्य भी रोस्टर के अनुसार चल रहा है। हालांकि विभाग ने साफ किया है कि यदि जलप्रवाह में इसी तरह गिरावट जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें मौसम पर टिकी हैं।
राहत की बात यह है कि मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही मैदानी इलाकों में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अच्छी बारिश होती है तो गौला नदी के जलस्तर में सुधार आ सकता है और संभावित जल संकट का खतरा टल सकता है। फिलहाल सवाल यही है कि क्या आने वाली बारिश हल्द्वानी की लाइफलाइन गौला को नया जीवन दे पाएगी, या फिर जलस्तर में गिरावट लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी?