मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब हल्द्वानी की सड़क परियोजनाओं पर दिखने लगा है। डामर की कीमत ₹44 से बढ़कर ₹85 प्रति किलो पहुंचने के कारण 80 से अधिक सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो गए हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध का असर अब उत्तराखंड के हल्द्वानी तक पहुंच गया है। दरअसल, कच्चे तेल और डामर की आपूर्ति प्रभावित होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में 80 से अधिक सड़कों का निर्माण और सुधारीकरण कार्य ठप पड़ गया है। हालात ऐसे हैं कि कुछ समय पहले तक 44 रुपये प्रति किलो मिलने वाला डामर अब 85 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुका है।
बता दे, डामर की बढ़ती कीमतों और कमी का सीधा असर लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं पर पड़ रहा है। ऐसे में हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में जिन सड़कों के लिए बजट स्वीकृत हो चुका था और ठेकेदारों को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके थे, वहां अब निर्माण कार्य रुक गया है। साथ ही डामर संकट के कारण एक तरफ आम जनता खराब और टूटी सड़कों से परेशान है, तो दूसरी ओर ठेकेदार भी असमंजस की स्थिति में हैं। ठेकेदारों का कहना है कि पुराने रेट पर काम करने से भारी आर्थिक नुकसान होगा, जबकि काम रोकने पर विभागीय कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट होने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक डामर की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक वैकल्पिक मरम्मत कार्य कर सड़कों को चलने लायक बनाया जाए। विभाग का कहना है कि जैसे ही डामर की आपूर्ति सामान्य होगी, सभी लंबित परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर काम शुरू कराया जाएगा। फिलहाल विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।