स्कूल और बुक सेलर के कथित नेक्सस पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। जिला प्रशासन की संयुक्त जांच में 46 निजी स्कूलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है
हल्द्वानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल और बुक सेलर के कथित नेक्सस पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। आपको बतादे की जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच में 46 निजी स्कूलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है। वहीं जांच में सामने आया है कि कई स्कूल अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे, जिसके बाद एनसीईआरटी की सस्ती किताबों की जगह महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें थोपकर कमीशनखोरी का खेल चल रहा था।
आपको बता दे, इतना ही नहीं बल्कि, सीबीएसई के निर्देशों के बावजूद कई स्कूलों ने अपनी वेबसाइट पर फीस और किताबों की सूची भी सार्वजनिक नहीं की थी जिस पर प्रशासन ने सभी स्कूलों को 11 अप्रैल शाम 5 बजे तक जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है। और साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि अब पारदर्शिता बढ़ेगी।