हरिद्वार से अपहृत 7 महीने के मासूम बच्चे को पुलिस ने महज 96 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बच्चे का इस्तेमाल भीख मांगकर अधिक पैसे कमाने के लिए करना चाहते थे।
हरिद्वार पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दरअसल, सात महीने के मासूम बच्चे के अपहरण के पीछे की वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। वही पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दे, मामला पिरान कलियर क्षेत्र का है, जहां 7 जून को नमाज के दौरान सात महीने के मासूम मोहम्मद अली रजा के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। वही सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए लगातार जांच की। करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और संदिग्धों की पहचान की गई। साथ ही जांच में सामने आया कि आरोपी समीर उर्फ सोनू और उसकी महिला साथी की आमदनी का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। उन्होंने देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वाली महिलाओं को ज्यादा पैसे मिलते हैं। इसी लालच में दोनों ने मासूम बच्चे का अपहरण करने की साजिश रची। पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला बच्चे को लेकर रेलवे स्टेशन के पास भीख मांग रही है। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मासूम को सकुशल बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चे का इस्तेमाल भीख मांगकर ज्यादा पैसे कमाने के लिए करना चाहते थे। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।