हरिद्वार में करीब छह बीघा जमीन के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि मृत महिला के नाम पर फर्जी शपथ पत्र और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर जमीन की दाखिल-खारिज कराई गई।
उत्तराखंड के हरिद्वार से जमीन घोटाले का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब छह बीघा बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए एक मृत महिला के नाम पर फर्जी शपथ पत्र तैयार कर दाखिल-खारिज कर दी गई। दरअसल, ये मामला हरिद्वार तहसील के मौजा नरूपुर पंजनहेड़ी की करीब छह बीघा जमीन से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार इस जमीन के स्वामित्व को लेकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दाखिल-खारिज कराने का प्रयास किया गया। बता दे, शिकायतकर्ता सुनीता शर्मा ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी एक महिला के नाम पर उत्तराखंड में जमीन खरीदे जाने का दावा किया गया, जबकि नियमों के तहत इतनी भूमि की खरीद को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जिस विमला देवी से जमीन खरीदे जाने का दावा किया गया, उनकी मृत्यु 10 जनवरी 2008 को हो चुकी थी। आरोप है कि उनकी मौत के करीब चार साल बाद वर्ष 2012 में फर्जी अंगूठे के निशान लगाकर शपथ पत्र तैयार किया गया और उसी के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। मामले में कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने गढ़वाल मंडल आयुक्त से शिकायत की। अब मंडल आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त प्रशासन हरिद्वार जिले से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांग चुके हैं।