जनरेटर हटाने को लेकर शुरू हुई बहस ने हंगामे का रूप ले लिया। विरोध में व्यापारियों ने दुकानों के शटर बंद कर दिए, जबकि निगम कर्मचारियों ने कूड़े से भरी ट्रॉली सड़क पर पलट दी।
हरिद्वार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस वक्त बड़े विवाद में बदल गई, जब नगर निगम की टीम और व्यापारी आमने-सामने आ गए। वही कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, दुकानों के शटर गिरने लगे और सड़क पर कूड़ा फैल गया।
दरअसल, मामला अपर रोड क्षेत्र का है, जहां नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के अभियान पर निकली थी। वही कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे रखे सामान को हटाया जा रहा था। इसी बीच एक रेस्टोरेंट के बाहर रखे जनरेटर को हटाने को लेकर निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। बता दे, विवाद बढ़ने पर व्यापारियों ने विरोध जताते हुए अपनी दुकानों के शटर बंद करने शुरू कर दिए और बाजार में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वहीं दूसरी ओर, घटना से नाराज नगर निगम कर्मचारियों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया। साथ ही कर्मचारियों ने कूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बीच बाजार में पलट दिया, जिससे सड़क पर कूड़ा फैल गया और यातायात भी प्रभावित हुआ।
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। जहां देर शाम तक सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम व्यापारियों और निगम कर्मचारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराने में जुटे रहे। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि पूरे घटनाक्रम को लेकर बाजार में चर्चा का माहौल बना हुआ है।