उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में लगभग 40 साल पुराना नियुक्ति विवाद फिर चर्चा में है। विभागीय जांच में एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति के समय उनकी आयु निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम पाए जाने की बात सामने आई ।
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में चार दशक पुराना एक नियुक्ति विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कोटद्वार क्षेत्र में तैनात एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को लेकर हुई विभागीय जांच में ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, जांच के मुताबिक वर्तमान प्रधानाध्यापक नफीस अहमद की प्रारंभिक नियुक्ति वर्ष 1985 में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। हालांकि विभागीय अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर जांच में पाया गया कि नियुक्ति के समय उनकी आयु 18 वर्ष से कम थी। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 29 मार्च 1985 को कार्यभार ग्रहण किया था, जबकि उस समय उनकी उम्र 17 वर्ष 7 माह 11 दिन थी। वहीं शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें शिकायत में उठाए गए तथ्यों की पुष्टि होने की बात कही गई है। इसके बाद प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, पौड़ी को उत्तराखण्ड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली-2003 के तहत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि करीब 40 साल पुराने इस मामले में विभाग आगे क्या कदम उठाता है। वहीं यह भी देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले का संबंधित कर्मचारी की सेवा पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।