रामनगर अस्पताल की सुविधाओं पर उठे सवालों को सीएमओ ने बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को कोई परेशानी नहीं है।
रामनगर के सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हाल ही में उठे सवालों पर अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, रामनगर स्थित स्वर्गीय रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कुमाऊं और गढ़वाल का प्रवेश द्वार माना जाता है। जहां हर दिन यहां पर्वतीय क्षेत्रों समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा में बना रहता है। बताया जा रहा की साल 2020 में अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीपीपी मोड पर संचालित किया गया था। हालांकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। इसके बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के आंदोलन के चलते मार्च 2025 में सरकार ने अस्पताल को दोबारा अपने नियंत्रण में ले लिया।
अभी हाल ही में कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि PPP मोड के दौरान अस्पताल को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन सरकारी तंत्र में आने के बाद बजट की कमी से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी का लाखों रुपये का भुगतान लंबित होने की बात भी सामने आई। इन आरोपों पर CMO नैनीताल डॉ. हरीश पंत ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी अस्पतालों को आवश्यकता के अनुसार बजट उपलब्ध कराती है। उन्होंने बताया कि रामनगर अस्पताल को भी हाल ही में करीब 62 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है और इसी बजट से सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
फिलहाल CMO का दावा है कि रामनगर अस्पताल में मरीजों को इलाज, दवाइयों और अन्य सुविधाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं है। हालांकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों और जमीनी हकीकत पर लोगों की नजर बनी हुई है।