रामनगर के दिव्यांग विद्यालय में 9 वर्षीय दिव्यांग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।
रामनगर के एक दिव्यांग स्कूल में 9 साल की बच्ची की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और सवाल ये उठ रहा है की आखिर रात में तबीयत बिगड़ने के बावजूद परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई?
दरअसल, रामनगर के बसई गांव स्थित USR इंदु मान समिति द्वारा संचालित दिव्यांग विद्यालय एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां 9 साल की मासूम दिव्यांग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वही मृतक बालिका प्रज्ञा उधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, प्रज्ञा का 1 जून को इस विद्यालय में प्रवेश कराया गया था। बता दे, बच्ची के पिता लेखराज और मां पूजा ग्राम बसई स्थित एक rice mill में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
वही परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को जब बच्ची की मां उससे मिलने स्कूल पहुंची तो उसने प्रज्ञा को जुखाम और अस्वस्थ हालत में देखा। इस पर उसने स्कूल स्टाफ से बच्ची की तबीयत खराब होने की शिकायत भी की। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने दवा देने की बात कहकर बच्ची को वहीं रहने दिया। परिवार का कहना है कि इसके बाद रात में बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी। शनिवार सुबह स्कूल की दो महिला कर्मचारी उनके घर पहुंचीं और बच्ची की हालत गंभीर होने की सूचना दी। वही जब मां स्कूल पहुंची तो उसकी बेटी मृत अवस्था में मिली। इसके बाद बच्ची को संयुक्त चिकित्सालय रामनगर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, वही पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही संयुक्त चिकित्सालय डॉ. संदीप सिंह पांगती ने बताया कि बच्ची को शनिवार सुबह करीब आठ बजे अस्पताल लाया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।