उत्तराखंड में मॉनसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की।
उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक के साथ ही संभावित आपदाओं का खतरा बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। बता दे, गुरुवार को जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की। वही मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, बाढ़, सड़क बाधित होने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार की गईं। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।

इस दौरान जिला प्रशासन ने सभी विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की मौजूदगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी समीक्षा की। प्रशासन का कहना है कि मॉनसून सीजन के दौरान जिले में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। साथ ही अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय कम से कम समय में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।