नैनीताल प्रशासन ने बढ़ते अपराध पर सख्ती दिखाते हुए तीन आरोपियों को ‘गुंडा’ घोषित कर छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई उनके जनशांति भंग होने की आशंका के आधार पर की गई।
नैनीताल में लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने तीन आरोपियों को ‘गुंडा’ घोषित करते हुए छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। आपको बता दे यह कार्रवाई उनके आपराधिक रिकॉर्ड, अभियोजन पक्ष की रिपोर्ट और जनशांति भंग होने की आशंका के आधार पर की गई है।जिसपर जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, रामनगर थाना क्षेत्र की फौजी कॉलोनी पूछड़ी निवासी इमरान के खिलाफ साल 2021 से 2024 के बीच चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं।तो वहीं मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के दुत्कानेधार निवासी नवीन सिंह के खिलाफ साल 2016 से 2021 के बीच आबकारी अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज पाए गए हैं।
तो वही इसके अलावा रामनगर के मिश्रा घाट छोई निवासी केवल सिंह के खिलाफ साल 2022 से 2025 के बीच आबकारी अधिनियम के तहत चार मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है।जिसकी अभियोजन पक्ष ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तीनों आरोपी लगातार असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में भय और अशांति का माहौल बन रहा था। कई बार कार्रवाई के बावजूद इनके व्यवहार में सुधार नहीं देखा गया।इसी के कारण मामले की सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तीनों को ‘गुंडा’ घोषित करते हुए छह महीने तक जिले की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश जारी किया है।तो वही प्रशासन ने साफ कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।