रामनगर की घासमंडी में नगर पालिका द्वारा दुकानों के किराए में बढ़ोतरी के विरोध में दुकानदारों ने ईओ को ज्ञापन सौंपा। दुकानदारों ने किराया कम करने और मालिकाना हक देने की मांग कि।
रामनगर में नगर पालिका द्वारा दुकानों के किराए में की गई बढ़ोतरी अब विवाद का कारण बन गई है। दरअसल, घासमंडी इलाके के दो दर्जन से अधिक दुकानदारों ने शुक्रवार को नगर पालिका पहुंचकर अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल को ज्ञापन सौंपा और किराया वृद्धि पर कड़ा विरोध जताया।
वही दुकानदारों का कहना है कि पहले से ही मानसून के चलते व्यापार प्रभावित है, ऐसे समय में किराए में अचानक की गई भारी बढ़ोतरी उनके लिए आर्थिक बोझ बन गई है। उन्होंने मांग की है कि किराया तुरंत कम किया जाए और वर्षों से लंबित मालिकाना हक भी उन्हें दिया जाए।
बता दे, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष नैन सिंह फर्त्याल ने बताया कि शहर के कुछ अन्य क्षेत्रों में पालिका की दुकानों को पहले ही फ्री-होल्ड कर मालिकाना हक दिया जा चुका है। उस समय घासमंडी के दुकानदारों से भी ऐसा ही आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक ये वादा पूरा नहीं हुआ। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने कहा कि किराया वृद्धि शासन के निर्देशों के अनुसार की गई है। अब देखना होगा कि पालिका बोर्ड इस मुद्दे पर क्या फैसला लेता है और क्या घासमंडी के दुकानदारों को राहत मिल पाती है या नहीं।