बुरांश के पौधों से हरियाली का संदेश असम के कुलपति प्रोफेसर भी मौजूद 

नैनीताल के DSB परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में असम विश्वविद्यालय, सिलचर के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत ने सहभागिता की। इस दौरान बुरांश और पदम के पौधे लगाए गए।

बुरांश के पौधों से हरियाली का संदेश असम के कुलपति प्रोफेसर भी मौजूद 
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सरोवर नगरी नैनीताल स्थित DSB परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय सिलचर, असम के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत ने सहभागिता की। उन्होंने विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों के साथ मिलकर बुरांश और पदम के पौधों का रोपण किया।


इस अवसर पर प्रोफेसर पंत ने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण देने का संकल्प है, उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है, जो हमें प्रकृति से जोड़ने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।


साथ ही प्रोफेसर पंत ने कहा कि बुरांश उत्तराखंड का राज्य वृक्ष है और पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं पदम का पौधा भी धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से खास महत्व रखता है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति को विभिन्न पौधों और पर्यावरण से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर डीएसबी परिसर के कई प्रोफेसरों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने भी पौधारोपण किया और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया

  • नैनीताल के डीएसबी परिसर में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन।

  • असम विश्वविद्यालय, सिलचर के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने की सहभागिता।

  • बुरांश और पदम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

  • परिसर में हरित वातावरण और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर।

  • कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

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