धरती खा गई या जंगल निगल गया? बबिता पांडे की तलाश में निकला हेलीकाप्टर

24 वर्षीय बबीता पांडे का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन तेज करते हुए हेलीकॉप्टर की मदद से भी तलाश शुरू कर दी है।

धरती खा गई या जंगल निगल गया? बबिता पांडे की तलाश में निकला हेलीकाप्टर
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उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दयारा बुग्याल से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई रामनगर निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे का एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जी हाँ ,अब युवती की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है।


वही प्रशासन के मुताबिक NDRF, SDRF, पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार दयारा बुग्याल और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। जहां रविवार को हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण कर जंगलों, खाइयों और संभावित रास्तों पर नजर रखी गई।


जानकारी के अनुसार रामनगर निवासी बबीता पांडे अपने दो साथियों के साथ उत्तरकाशी घूमने आई थीं। बताया जा रहा है कि 29 मई की रात करीब 11 बजे बबीता पांडे टेंट से बाहर निकली थीं। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। अगली सुबह साथियों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।


करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल का इलाका घने जंगलों, गहरी खाइयों और कठिन पहाड़ी रास्तों से घिरा हुआ है। बावजूद इसके रेस्क्यू टीमें लगातार संभावित ठिकानों और ट्रेकिंग रूट्स पर खोज अभियान चला रही हैं। दूसरी ओर एक परिवार अपनी बेटी के लौटने का इंतजार कर रहा है, जबकि पहाड़ों में उसकी तलाश लगातार जारी है। अब सबकी निगाहें इस हेलीकाप्टर सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं कि आखिर कब बबीता पांडे का सुराग मिलेगा और इस रहस्य से पर्दा उठेगा।

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