रामनगर के सीतावनी क्षेत्र में 16 मई को पहली बार श्रीजानकी कथा का आयोजन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। कथा का वाचन 12 वर्षीय बाल-व्यास वैदेहीनंदन वेदांतजी करेंगे।
देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती रामनगर का सीतावनी क्षेत्र अब एक विशेष धार्मिक आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है।
दरअसल, पाटकोट रेंज स्थित सीतावनी में आगामी 16 मई को पहली बार “श्रीजानकी कथा” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। इस संबंध में नैनीताल-उधमसिंहनगर लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने रामनगर फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मां सीता के त्याग, धैर्य, नारी-शक्ति और आदर्श जीवन को समाज तक पहुंचाना है। खास बात यह है कि इस कथा का वाचन 12 वर्षीय बाल-व्यास वैदेहीनंदन वेदांतजी करेंगे। साथ ही, सीतावनी को इसलिए चुना गया क्योंकि इसे रामायण काल से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है। सांसद ने कहा कि मां सीता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही “सीता सखी समिति” का गठन कर देशभर की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं, काउंसिल संस्कृत भाषा, धार्मिक साहित्य और डिजिटल रामलीला जैसे सांस्कृतिक अभियानों पर भी लगातार कार्य कर रही है।