हिन्दू पंचांग के अनुसार हिन्दू नववर्ष के पहले माह यानी चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती मनाई जाती है. इसे हनुमान जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है.
Hanuman Janamotsav 2024: हिन्दू पंचांग(hindu almanac) के अनुसार हिन्दू नववर्ष(Hindu New Year) के पहले माह यानी चैत्र महीने(chaitra month) की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती(Hanuman Janamotsav) मनाई जाती है. इसे हनुमान जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं(religious beliefs) के अनुसार इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था. हनुमान जयंती के अवसर पर बजरंगबली की पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है और इससे जीवन के संकट भी कम होते हैं. हनुमान जी को नारंगी और केसरिया कपड़े(saffron clothes) अर्पित करने की परंपरा है. इसके अलावा आपने देखा होगा कि हनुमान जी की पूरी मूर्ति पर सिंदूर(Vermilion) लगाया जाता है.
क्या आप जानते हैं सिंदूर लगाने के पीछे क्या कारण है? आइए जानते हैं इसके पीछे की पौराणिक कथा.
पौराणिक कथाओं(mythology) के अनुसार एक बार माता सिता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थीं. तब ही हनुमान जी माता के पास गए और पूछा की आपने अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगा रही हैं. बजरंगबली के सवाल का जवाब देते हुए माता सीता(Mother Sita) कहती हैं कि सिंदूर लगाने से प्रभु राम की उम्र में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है.माता सिता के जवाब को सुनते ही हनुमान जी ने विचार किया कि जब एक चुटकी सिंदूर से प्रभु राम की आयु में वृद्धि होती है तो क्यों न सिंदूर को पूरे शरीर पर लगालू, इससे राम जी अमर हो जाएंगे. इस विचार के बाद हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया. इसके बाद प्रभु राम हनुमान जी के इस रूप को देखकर बहुत प्रसन्न हुए. कहा जाता है कि प्रभु राम के प्रति अपने प्रेम और भक्ति को दर्शाने के लिए बजरंगबली को सिंदूर बहुत प्रिय है. इस कारण से हनुमान जी की मूर्ति(statue of hanuman ji) पर सिंदूर लगाया जाता है.