टनकपुर में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। गांवों में घुसकर हाथियों ने दुकानें, घर और फसलें बर्बाद कर दीं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। विभाग के आश्वासनों के बावजूद समस्या जस की तस बनी है।
उत्तराखंड के चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र से एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की डरावनी तस्वीर सामने आई है, जहां हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल ,पूर्णागिरी मार्ग से लगे ककरालीगेट और नायकगोठ गांव में बीती रात हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हालात ऐसे हो गए कि ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के लिए पूरी रात जागना पड़ा। साथ ही नायकगोठ गांव में हाथी ने कपिल शर्मा की दुकान का शटर तोड़ दिया और अंदर रखा सारा सामान तहस-नहस कर दिया। इतना ही नहीं, मनु पाल सक्सेना की कच्ची झोपड़ी और बिशन सिंह बिष्ट के घर का गेट भी तोड़ डाला। इससे पहले भोटिया पड़ाव गांव में भी हाथियों ने आम, गन्ने और केले की फसलों को बर्बाद कर दिया। वही ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
बता दे, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायकगोठ की ग्राम प्रधान कंचन देवी ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में खराब पड़ी सोलर फेंसिंग लाइन को तुरंत दुरुस्त किया जाए और प्रभावित ग्रामीणों को उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। वही अब विभाग AI आधारित स्मार्ट कैमरों से निगरानी की तैयारी कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या ये कदम ग्रामीणों को राहत दे पाएंगे, या फिर गजराज का आतंक यूं ही जारी रहेगा?