रानीखेत: अस्पताल में तैनात एकमात्र अस्थि रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगातार विकलांग प्रमाण पत्र शिविरों में लगाए जाने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है....
पर्यटन नगरी रानीखेत के गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। दरअसल अस्पताल में तैनात एकमात्र अस्थि रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगातार विकलांग प्रमाण पत्र शिविरों में लगाए जाने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का कहना है कि कई बार अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बताया जाता है कि विशेषज्ञ चिकित्सक कैंप में गए हैं। ऐसे में मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ता है या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, अस्थि रोग विशेषज्ञ के अलावा नेत्र रोग और ईएनटी विशेषज्ञों की ड्यूटी भी समय-समय पर शिविरों में लगाई जाती है। साथ ही स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिविरों में अपेक्षित संख्या में लाभार्थी नहीं पहुंचते, जबकि अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज विशेषज्ञों का इंतजार करते हैं।
इतना ही नहीं पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने कहा कि अस्पताल में पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में उन्हें अन्य कार्यों में लगाए जाने से आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा।
वहीं स्थानीय लोगों ने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और शिविरों के लिए अलग व्यवस्था बनाने की मांग की है।