चंपावत। जिस युवक ने कभी अग्निवीर बनने का सपना देखा था, वह कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़ गया....
चंपावत। जिस युवक ने कभी अग्निवीर बनने का सपना देखा था, वह कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़ गया। चंपावत में पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में नशा तस्करी के एक मामले का खुलासा हुआ है। टनकपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को 306 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, टनकपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 306 ग्राम स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीलीभीत निवासी सुनील सिंह और गुरदीप सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील सिंह ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा पास की थी और प्रशिक्षण ले रहा था। पुलिस के मुताबिक, बीमारी का हवाला देकर प्रशिक्षण से छुट्टी लेकर वह घर लौट आया। इसके बाद कथित तौर पर वह अपने दोस्त गुरदीप सिंह के साथ स्मैक तस्करी के कारोबार में शामिल हो गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बरामद स्मैक को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक नेपाली तस्कर को बेचने की तैयारी में थे। इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।