चम्पावत में नाबालिग दुष्कर्म मामले ने लिया नया मोड़। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं, साजिश की आशंका पर SIT कर रही गहन जांच।
चम्पावत में सामने आए नाबालिग दुष्कर्म मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को पहले गंभीर अपराध माना जा रहा था, उसी मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि दुष्कर्म के आरोपों के पीछे एक सुनियोजित साजिश रची गई थी।
दरअसल, 6 मई को पीड़िता के पिता ने कोतवाली चम्पावत में तीन लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी रेखा यादव ने तुरंत एसआईटी गठित कर जांच शुरू करवाई। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
इसके साथ ही पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन नाबालिग अपनी मर्जी से एक दोस्त के साथ विवाह समारोह में गई थी। इतना ही नहीं, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उनकी मौके पर मौजूदगी भी साबित नहीं हो पाई।
जांच में एक पूर्व बीडीसी मेंबर कमल रावत का नाम सामने आया, जिस पर बदले की भावना से पूरी साजिश रचने का आरोप है। फिलहाल पुलिस डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है।