उत्तराखंड में मोदी सरकार के CAA 2019 के तहत 153 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने जा रही है। गृह विभाग ने गहन जांच के बाद यह फैसला लिया।
उत्तराखंड में मोदी सरकार के नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 (CAA) के तहत 153 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने जा रही है। भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के गृह विभाग ने इन लोगों की गहन जांच-पड़ताल के बाद उन्हें नागरिकता देने का निर्णय लिया है।
सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग, जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश या अन्य देशों से आए थे, भारत की नागरिकता के पात्र हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बताया था कि ये लोग धार्मिक उत्पीड़न से भारत आए हैं।
उत्तराखंड में पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 लोगों के आवेदन गृह विभाग द्वारा स्वीकार किए गए। अधिकतर आवेदन सिंध और बलूचिस्तान से आए हिंदू परिवारों के हैं, जिनके रिश्तेदार देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में रहते हैं।
अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक, माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी परिवार को भी भारत सरकार ने नागरिकता प्रदान की।
सीमा जागरण मंच ने ऐसे नागरिकों की खोज और आवेदन प्रक्रिया में मदद की। इसके बाद गृह विभाग की जांच एजेंसियों ने आवेदनों की पुष्टि की।
प्रीत सिंह धामी ने कहा कि मोदी सरकार ने CAA के माध्यम से भारत में शरण लेने वाले हिंदू परिवारों की परेशानियों को दूर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में उनके कार्यक्रम के दौरान भारत की नागरिकता प्राप्त करने वालों का सम्मान किया जाएगा और उनके साथ जनसंपर्क भी किया जाएगा।