प्रदेश के दो बड़े शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नई पहल शुरू की है. जिसके तहत अब इन दो शहरों में परिवहन विभाग यहां सिर्फ सीएनजी विक्रम और आटो चलाने की तैयारी कर रहा है.
जेजेन संवाददाता. प्रदेश के दो बड़े शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नई पहल शुरू की है. जिसके तहत अब इन दो शहरों में परिवहन विभाग यहां सिर्फ सीएनजी विक्रम और आटो चलाने की तैयारी कर रहा है. देहरादून और ऋषिकेश में प्रदूषण कम करने के लिए परिवहन विभाग ने तीन साल पहले इसका प्रस्ताव शासन को भेजा था. साल 2019 में इसकी अनुमति मिलने के बाद भी योजना का काम शुरू नहीं हो सका था. लेकिन अब सीएनजी पंप खुलने के बाद योजना के परवान चढ़ता हुई नज़र आ रही है. क्योंकि अब एनजीटी के निर्देश भी है. और विभाग ने 15 जनवरी को देहरादून संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक भी बुलाई है. जिसमें यह निर्णय लिया जान है कि डीजल-पेट्रोल वाले पुराने आटो-विक्रम को सीएनजी परमिट में कन्वर्ट किया जाए या फिर नए परमिट जारी किए जाएं।
दैनिक जागरण की खबर के अनुसार देहरादून आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश और इस मामले में एनजीटी के निर्देश के बाद 15 जनवरी को प्राधिकरण की बैठक बुलाई गई है। इसमें एक व्यक्ति ने 10 सीएनजी विक्रम के परमिट का आवेदन किया हुआ है। उस पर निर्णय लेने समेत बाकी सभी आटो और विक्रम को सीएनजी में कन्वर्ट करने या नए परमिट देने का निर्णय लिया जाएगा।