देहरादून। बिटक्वॉइन में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है....
देहरादून। बिटक्वॉइन में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा की करीब 8.54 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इससे पहले भी जांच एजेंसी करीब 4.56 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।
ईडी के मुताबिक, आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा ने कथित तौर पर लोगों को बिटक्वॉइन में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके लिए एक वेबसाइट के माध्यम से लोगों से निवेश कराया गया।
आरोप है कि बड़ी मात्रा में रकम जुटाने के बाद संबंधित वेबसाइट को अचानक बंद कर दिया गया, जिसके चलते निवेशकों का पैसा फंस गया। इसके बाद मामले की जांच एजेंसियों द्वारा शुरू की गई।
जांच के दौरान ईडी को करीब 856 बिटक्वॉइन की कथित अपराध से अर्जित आय का पता चला है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस रकम को क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया।
ईडी के अनुसार, कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम से संपत्तियां और महंगी गाड़ियां खरीदी गईं। जांच एजेंसी अब इस मामले में मनी ट्रेल और अन्य संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले में आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा फिलहाल जेल में बंद है। ईडी की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी कथित ठगी से अर्जित रकम, क्रिप्टो लेनदेन और उससे खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है।