गरीबों को कर्ज के जाल में फ़साने वाले बैंक के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इतना ही नहीं, जो बैंक सिर्फ जमा राशि जुटाकर जिले के विकास से मुंह मोड़ेंगे, उन्हें भी प्रशासन का सहयोग नहीं मिलेगा....
बैंकों की मनमानी अब नहीं चलेगी... जनता को बेवजह परेशान किया तो कार्रवाई तय है। दरअसल, गरीबों को कर्ज के जाल में फ़साने वाले बैंक के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इतना ही नहीं, जो बैंक सिर्फ जमा राशि जुटाकर जिले के विकास से मुंह मोड़ेंगे, उन्हें भी प्रशासन का सहयोग नहीं मिलेगा।
बता दे, देहरादून के ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति और जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया।
साथ ही डीएम ने कहा कि बैंक केवल लोगों से जमा राशि लेने तक सीमित न रहें, बल्कि उसी धन का उपयोग जिले के विकास और रोजगार सृजन में भी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार किया जाए और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। ऐसा करने वाले बैंकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वही बैठक में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी NBAFC को भी कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनका घर नीलाम करने जैसी शिकायतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि ऋण वितरण में अनियमितता के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
समीक्षा बैठक में गैरहाजिर रहने पर Bandhan Bank, IndusInd Bank
IDFC FIRST Bank सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।