देश के CDS जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों को अलविदा कहा। नई दिल्ली में आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने कार्यकाल को यादगार बताया।
देश की सुरक्षा के लिए चार दशक से अधिक समय तक समर्पित सेवा देने वाले उत्तराखंड के लाल और देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अपने गौरवशाली सैन्य जीवन को अलविदा कह दिया है। उनकी विदाई के साथ ही भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी पूरा हो गया।
विदाई समारोह के दौरान सबसे पहले जनरल अनिल चौहान नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे, जहां उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए हमेशा गर्व और सम्मान की बात रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि CDS के रूप में उनका कार्यकाल बेहद संतोषजनक और यादगार रहा।
उन्होंने आगे कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का अवसर मिला। इतना ही नहीं, सशस्त्र बलों को और अधिक मजबूत तथा आधुनिक बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
वहीं, भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए जनरल चौहान ने भारतीय सेना की तैयारियों पर पूरा भरोसा जताया। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त सैन्य ढांचे और थिएटर कमांड जैसी योजनाओं को देश की सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।