देहरादून में RTI के तहत पूरी जानकारी न देने पर राज्य सूचना आयोग ने कलेक्ट्रेट की वरिष्ठ सहायक रजनी नेगी पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया है। आयोग ने सूचना को भ्रामक और अपूर्ण माना।
देहरादून में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग ने कलेक्ट्रेट की वरिष्ठ सहायक (शस्त्र) रजनी नेगी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
दरअसल, नेहरू कॉलोनी निवासी सरदार रणजीत सिंह ने 21 अक्टूबर 2024 को आरटीआई के तहत शस्त्र लाइसेंस और उससे जुड़े शासनादेशों की जानकारी मांगी थी। हालांकि, विभाग की ओर से उन्हें पूरी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया।
सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त दिलीप सिंह कुंवर ने विभाग को 15 दिनों के भीतर प्रमाणित प्रतियां और मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा के भीतर भी पूरी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने दोबारा आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान आयोग ने पाया कि उपलब्ध कराई गई सूचना भ्रामक और अपूर्ण थी। इसे सूचना का अधिकार अधिनियम और आयोग के आदेशों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए आयोग ने वरिष्ठ सहायक रजनी नेगी पर आरटीआई एक्ट की धारा 20(1) के तहत 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।