देहरादून में चम्पावत मामले पर सियासत तेज, भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन। हरीश रावत ने सरकार पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग।
देहरादून में चम्पावत के कथित गैंगरेप और पॉक्सो मामले को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। एक ओर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, तो वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और भाजपा पर कई सवाल खड़े किए हैं।
हरीश रावत ने अपने बयान में कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा के भीतर मंडल स्तर तक गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अनावश्यक रूप से इस विवाद में घसीटा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया कार्यकर्ता आनंद महरा का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, आनंद महरा को मामले की जानकारी मिलने पर वह थाने पहुंचे थे और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में कई लोग घटनाओं को लाइव या रील के माध्यम से सामने लाते हैं, ऐसे में केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है।
अपने बयान के अंत में हरीश रावत ने कहा कि “मैसेंजर को शूट करना सत्ता का अहंकार दर्शाता है” और यदि किसी भी राजनीतिक दल या नेता की भूमिका सामने आती है, तो सरकार को सबूतों के साथ सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।