देहरादून में जिला प्रशासन ने कैंसर पीड़ित विधवा सुनीता कलवार की मदद करते हुए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही उनके बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराकर परिवार को नई उम्मीद दी।
देहरादून में जिला प्रशासन की एक संवेदनशील पहल ने कैंसर से जूझ रही एक विधवा महिला और उसके बच्चों की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी है। डोईवाला निवासी सुनीता कलवार लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रही थीं। आर्थिक तंगी के चलते उनके सामने इलाज और बच्चों की पढ़ाई दोनों बड़ी चुनौती बन गए थे।
सुनीता ने अपनी समस्या जिलाधिकारी सविन बंसल के सामने रखी। उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है और इलाज में बढ़ते खर्च के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की ओर से रायफल क्लब फंड से सुनीता को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई। इसके साथ ही उनके बेटे का स्कूल में दाखिला कराया गया, जबकि बेटी की रुकी हुई पढ़ाई को ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत दोबारा शुरू कराया गया।
प्रशासन की इस पहल से परिवार को न सिर्फ आर्थिक राहत मिली, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई दिशा मिली है। सुनीता का कहना है कि मुश्किल समय में प्रशासन की मदद ने उन्हें दोबारा उम्मीद दी है। वहीं जिला प्रशासन ने कहा है कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे भी इसी तरह मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम जारी रखा जाएगा।