देहरादून स्थित पीआईबी कार्यालय में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड के लिए रेलवे बजट की जानकारी दी।"
देहरादून केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना और प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने सोमवार को देहरादून स्थित पीआईबी कार्यालय (PIB office) में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस (virtual press conference) के माध्यम से उत्तराखंड और अन्य राज्यों के मीडिया को रेलवे बजट के बारे में संबोधित किया।
आपको बता दे वैष्णव ने इस साल भारतीय रेलवे के लिए 2.93 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस आवंटन से उत्तराखंड को काफी लाभ होगा। उन्होंने आगे बताया कि 2009 और 2014 के बीच उत्तराखंड को रेलवे विकास के लिए केवल 187 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्तमान आवंटन उससे 26 गुना से भी अधिक है।
इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में चल रही कुल 39,491 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी, और इस बड़े निवेश में राज्य में ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा संवर्धन शामिल हैं। आपको बता दे उत्तराखंड में अमृत स्टेशन योजना के तहत कुल 11 स्टेशनों का पूर्ण पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए कुल 147 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के विस्तार के तहत, राज्य में 3 वंदे भारत एक्सप्रेस और एक अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं चल रही हैं।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क का विस्तार और पूर्ण विद्युतीकरण तेजी से हुआ है। 2014 से अब तक लगभग 76 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण हो चुका है। राज्य में रेलवे का पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है, जिसके तहत 334 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है और 2014 से अब तक 106 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब तक कुल 54 बख्तरबंद रेलगाड़ियों को मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही वैष्णव ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि परियोजना बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और उद्घाटन के चरण की ओर अग्रसर है।