हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लालकुआं में एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कुमाऊं भर से वरिष्ठ पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और मीडिया जगत से जुड़े....
हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लालकुआं में एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुमाऊं भर से वरिष्ठ पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता की ऐतिहासिक यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और समाज में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर व्यापक चर्चा करना था।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सभी पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो न केवल जनता की आवाज़ को मंच प्रदान करती है, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य भी करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय और डिजिटल युग के बढ़ते प्रभाव के बावजूद पत्रकारिता की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है।
वहीं, जिला सूचना अधिकारी गिरजाशंकर जोशी ने अपने संबोधन में सरकार और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पाण्डेय ने अपने लंबे पत्रकारिता अनुभव युवा पत्रकारों के साथ साझा किए और अपनी स्वरचित पुस्तक मुख्य अतिथि को भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
गोष्ठी के दौरान कई अन्य वरिष्ठ वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और पत्रकारिता की विश्वसनीयता, निष्पक्षता तथा मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता को चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ना होगा।
अंततः, कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।