हल्द्वानी। गर्मियों में हर साल होने वाले पेयजल संकट को देखते हुए इस बार जल संस्थान ने पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर स्थायी समाधान पर काम किया जा रहा है।
हल्द्वानी। गर्मियों में हर साल होने वाले पेयजल संकट को देखते हुए इस बार जल संस्थान ने पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से जिन इलाकों में पानी की समस्या लगातार बनी हुई थी, उन पर विशेष फोकस किया गया है। इनमें दमुवाढूंगा, राजपुरा, बिठौरिया और मुखानी जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं, जहां हर साल गर्मियों में जल संकट देखने को मिलता रहा है।
उन्होंने बताया कि राजपुरा और बिठौरिया में नए नलकूप स्थापित कर दिए गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। वहीं, छडेल क्षेत्र में भी ट्यूबवेल स्थापित कर जलापूर्ति को मजबूत किया गया है।
हालांकि दमुवाढूंगा के कुछ हिस्सों में अभी भी समस्या बनी हुई है, लेकिन वहां के लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली है। फिलहाल इन क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन विभाग का लक्ष्य है कि इस बार टैंकरों पर निर्भरता कम करते हुए पाइपलाइन के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा हरिपुर और मल्ला प्लॉट जैसे क्षेत्रों को नजदीकी टैंक और ट्यूबवेल से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है। इस दिशा में UUSDA के सहयोग से नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
हाल ही में मुख्य महाप्रबंधक की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि गर्मियों से पहले सभी जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। इसके तहत स्पेयर मोटर पंप, स्टेबलाइजर और अन्य उपकरणों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही जल संस्थान ने टैंकरों के संचालन को लेकर भी पूरी तैयारी कर ली है। विभागीय टैंकरों के साथ-साथ निजी टैंकरों को भी चिन्हित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जलापूर्ति की जा सके।