हल्द्वानी के मल्ला गोरखपुर निवासी एक युवक के साथ यूरोप के देश माल्टा में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है....
हल्द्वानी के मल्ला गोरखपुर निवासी एक युवक के साथ यूरोप के देश माल्टा में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। जहा पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे विदेश भेजकर बंधक जैसी स्थिति में रखा गया।जानकारी के अनुसार, युवक गौरव ने साल 2024 में इंटरनेट के माध्यम से विदेश में नौकरी की तलाश की थी। इसी दौरान उसका संपर्क दीपिका नाम की एक महिला से हुआ, जिसने खुद को देहरादून स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी की संचालक बताया।तो वही महिला ने गौरव को माल्टा में किचन हेल्पर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
बता दे गौरव ने बताया कि मई 2024 से मार्च 2025 के बीच उसने आरोपी महिला के बताए खातों में कुल 3 लाख 896 रुपये ट्रांसफर किए। आरोप है कि महिला ने उसे माल्टा की एक कंपनी का फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया।जब काफी समय तक माल्टा का वीजा नहीं मिला, तो आरोपी महिला ने पहले दुबई में तीन महीने नौकरी करने की बात कही। बाद में दुबई का टिकट भी रद्द कर दिया गया। इसके बाद अक्तूबर 2025 में गौरव को दिल्ली के रास्ते कुआलालंपुर भेजा गया और कहा गया कि वहां से 10 दिन बाद माल्टा की फ्लाइट होगी।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित का आरोप है कि मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचने पर उसे एक छोटे और बदतर कमरे में 10 से 12 अन्य युवकों के साथ रखा गया। उसे एहसास हुआ कि वह अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और ठगी के गिरोह के जाल में फंस चुका है।फिर गौरव किसी तरह 20 अक्तूबर 2025 को दिल्ली वापस लौट आया।गौरव ने जनवरी 2026 में हल्द्वानी कोतवाली और फरवरी में एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
अब अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने देहरादून की दो इमीग्रेशन कंपनियों और उनकी महिला संचालक दीपिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।ओर कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और मानव तस्करी/बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।