बनभूलपुरा हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए UAPA लागू करने पर सवाल उठाए। राज्य सरकार ने आरोपी की जमानत को चुनौती दी, मामले की सुनवाई जारी है।
हल्द्वानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बनभूलपुरा विवाद पर हाईकोर्ट में गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम को लेकर अहम सुनवाई हुई है। दरअसल, ये मामला साल 2024 के बनभूलपुरा हिंसा से जुड़ा हुआ है। इस मामले में आरोपी अब्दुल मलिक को निचली अदालत से मिली जमानत को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
वही सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त टिप्पणियां कीं और कई अहम सवाल उठाए। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि अगर कोई भीड़ कानून को अपने हाथ में लेकर पुलिस स्टेशन में आगजनी करती है, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है और हिंसा फैलाती है, तो ऐसे मामलों में सख्त कानून लागू होना चाहिए।
साथ ही कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में UAPA जैसे कड़े कानून को लागू करने में हिचकिचाहट क्यों होनी चाहिए। न्यायमूर्ति ने कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं पर सख्ती नहीं बरती गई, तो यह सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि किसी आरोपी को व्यक्तिगत स्वतंत्रता के आधार पर राहत देते समय मामले की गंभीरता को नजरअंदाज न किया जाए।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है, इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सरकार ने कहा कि अगर ऐसे मामलों में ढील दी गई, तो इससे कानून-व्यवस्था पर गलत असर पड़ सकता है।
फिलहाल, इस मामले की सुनवाई जारी है और अगली तारीख पर कोर्ट इस पर आगे विचार करेगा।