हल्द्वानी में फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में 50 और स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है।
हल्द्वानी में फर्जी स्थाई निवास प्रमाण (Fake Permanent Residence Certificate) पत्रों की जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में 50 और स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है।
ये सभी प्रमाण पत्र वैध दस्तावेजों के बगैर जारी किए गए हैं। जिसके बाद प्रशासन इन प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की तैयारी कर रहा है। एसडीएम (SDM) के हस्ताक्षर के बाद ये सारे प्रमाण पत्र निरस्त हो जाएंगे। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत (Kumaon Commissioner Deepak Rawat) ने पिछले साल वनभूलपुरा में एक कथित अरायज नवीस के यहां छापेमारी की थी। इस दौरान कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया था। मामले में तहसीलदार कुलदीप पांडेय (Tehsildar Kuldeep Pandey) की शिकायत पर पुलिस ने इस प्रकरण में अरायजनवीस, बिजली कर्मी समेत तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पिछले पांच सालों में बने स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए थे।मामले में जिला प्रशासन ने लगभग 500 से अधिक स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की जांच शुरू की थी। तब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनें 50 प्रमाण पत्रों को निरस्त किया गया था।