हल्द्वानी में पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन, फर्जी पत्रकारों और सोशल मीडिया दुरुपयोग पर कार्रवाई की मांग; SSP ने सख्त कदम उठाने का दिया आश्वासन
हल्द्वानी में एक ओर जहां पत्रकारों में आक्रोश देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखंड के नेतृत्व में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान पत्रकारों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूब चैनलों के दुरुपयोग और स्वयंभू पत्रकारों की अभद्रता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
इसी क्रम में कमल कफलटिया का मामला भी प्रमुखता से सामने आया। आरोप है कि उसने खुद को पत्रकार बताकर न केवल माहौल खराब किया, बल्कि बुद्ध पार्क में एक प्रिंट मीडिया पत्रकार के साथ मारपीट भी की। इसके चलते पत्रकारों में नाराजगी और बढ़ गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने साफ कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पत्रकारिता की साख बनी रह सके। वहीं दूसरी ओर, ज्ञापन में यह भी उजागर किया गया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनल सनसनी फैलाने के लिए पत्रकारों पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
इससे न सिर्फ मीडिया की छवि खराब हो रही है, बल्कि समाज में भी गलत संदेश जा रहा है। इसी वजह से यूनियन ने संदिग्ध अकाउंट्स की फॉरेंसिक जांच, आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की मांग की।
इस बीच एसएसपी ने भी पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा, साथ ही साइबर सेल को सक्रिय किया जाएगा।
इतना ही नहीं, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एसओपी भी जारी की जाएगी। अंत में, प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने “पत्रकार सुरक्षित, लोकतंत्र मजबूत” के नारे लगाए, जिससे उनका आक्रोश और एकजुटता साफ नजर आई।