कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हल्द्वानी में राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी और अहम पहल की गई है। अब पीड़ित महिलाओं को सिर्फ कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि तत्काल चिकित्सा, मानसिक परामर्श और सुरक्षित माहौल भी एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसी उद्देश्य से हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
तो वही कार्यशाला में कुमाऊँ मंडल के सभी जिलों से वन स्टॉप सेंटर की काउंसिलर्स, केस वर्कर्स,महिला पुलिसकर्मी, डीएलएसए के अधिवक्ता और संरक्षण अधिकारियों ने भाग लिया।बता दे कार्यक्रम का उद्घाटन लालकुआँ विधायक मोहन सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने किया।
इस प्रशिक्षण में पुलिस, विधिक और मनोवैज्ञानिक सहायता को जोड़ते हुए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, साइबर अपराधों से बचाव, यौन उत्पीड़न मामलों में ‘गोल्डन आवर’ के महत्व और ट्रॉमा से उबरने के प्रभावी तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को त्वरित, संवेदनशील और सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय के साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भरोसा देना है।