हल्द्वानी – एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति रुक जाने से शहर के स्ट्रीट फूड और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित हैं। कई होटल-रेस्टोरेंट ने मेनू का 70% आइटम हटाया और सैकड़ों ठेले-फड़ बंद हो गए हैं।
हल्द्वानी: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने से शहर का स्ट्रीट फूड और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सिलेंडर न मिलने से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेनू कार्ड से लगभग 70% फूड आइटम हटा दिए हैं, जबकि सैकड़ों ठेले-फड़ बंद हो गए हैं।
नगर निगम के अनुसार शहर में 1,873 स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत हैं, जबकि वास्तविक संख्या चार हजार से अधिक बताई जाती है। इनमें से लगभग 1,200 वेंडर्स स्ट्रीट फूड परोसते हैं। व्यावसायिक सिलेंडर न मिलने के कारण मंगलवार से इन वेंडर्स का कामकाज प्रभावित हो गया है।
नगर निगम ने सभी स्ट्रीट वेंडर्स को निर्देश दिए हैं कि वे घर से तैयार भोजन लाकर बेचें, और ठेलों पर खाना बनाने पर प्रतिबंध है। स्ट्रीट फूड विक्रेता हरीश बिष्ट और मोहन चंद्र भट्ट ने बताया कि बुधवार को 500 से अधिक ठेले वालों को अपना कारोबार बंद करना पड़ा।
हाल के दिनों में नगर निगम की पहल पर शहर के कई निजी भूखंडों पर चौपाटी और फूड कोर्ट विकसित किए गए थे, जहां बड़ी संख्या में वेंडर्स भोजन परोसते थे। हल्द्वानी से काठगोदाम तक इन स्थानों पर पहले काफी चहल-पहल रहती थी, लेकिन बुधवार शाम अधिकांश चौपाटी और फूड कोर्ट में ठेले बंद मिले।
व्यावसायिक सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्तरां संचालक भी परेशान हैं। गैस खत्म होने के कारण उन्होंने अपने मेनू से मोमो, चाइनीज फूड समेत लगभग 70% आइटम हटा दिए हैं।
संचालकों का कहना है कि इन व्यंजनों को बनाने के लिए तेज़ आंच की आवश्यकता होती है, जो इंडक्शन या माइक्रोवेव में संभव नहीं है। डीज़ल बर्नर पर बनाना महंगा पड़ता है। कई होटल संचालक तंदूर की संख्या बढ़ा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इंडक्शन चूल्हा, माइक्रोवेव और डीज़ल बर्नर का सहारा ले रहे हैं।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने के कारण सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को घर से खाना लाने का निर्देश दिया गया है। जिन दुकानदारों के पास कुकिंग गैस उपलब्ध नहीं है, उन्हें फिलहाल अपनी दुकान बंद रखनी पड़ रही है।