पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में भी दिख रहा है। ईरान में बिगड़ते हालात के बीच मंगलौर के कई युवक वहां फंसे बताए जा रहे हैं, जिससे उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
HARIDWAR NEWS-: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के मंगलौर क्षेत्र में भी महसूस किया जा रहा है। ईरान में बिगड़ते हालात के बीच मंगलौर के हल्का, पठानपुरा और जैनपुर इलाकों के कई युवक अभी भी वहां मौजूद बताए जा रहे हैं। इससे स्थानीय परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिजनों के अनुसार, युवकों से मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से संपर्क तो बना हुआ है, लेकिन वहां की अस्थिर परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हर कॉल परिवारों को थोड़ी राहत जरूर देता है, मगर हालात को लेकर डर भी कम नहीं हो रहा।

हाल ही में ईरान से लौटे कुछ लोगों ने बताया कि अचानक बढ़े तनाव और हमलों के बाद वहां का माहौल काफी गंभीर हो गया था। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा छा गया था और आम लोगों में भय का वातावरण था।
मंगलौर के कई परिवारों का कहना है कि उनके बेटे और रिश्तेदार रोजगार के सिलसिले में ईरान गए थे। अब हालात बिगड़ने के बाद वे सुरक्षित वापसी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उड़ानों और आवागमन पर असर पड़ने से मुश्किलें सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि विदेश में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। परिवारों की निगाह संभावित रेस्क्यू योजना पर टिकी है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द कोई सकारात्मक पहल करेगी।

क्षेत्र में सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया है। लोगों ने भरोसा जताया है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
इस बीच प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क बनाए रखने और किसी भी नई सूचना को तुरंत साझा करने की अपील की है।
हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन परिवारों को उम्मीद है कि उनके अपने सकुशल वापस लौटेंगे। मंगलौर क्षेत्र में इन दिनों हर बातचीत का केंद्र ईरान की स्थिति और अपनों की सुरक्षित वापसी की दुआ बन गया है।