हरिद्वार के ज्वालापुर में मासूम के अपहरण व मानव तस्करी मामले में कोर्ट का सख्त फैसला, दो महिलाओं को 10-10 साल की सजा। बच्चे को सकुशल बरामद किया गया, कोर्ट ने फैसले को अपराध के खिलाफ कड़ा संदेश बताया।
उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मासूम बच्चे के अपहरण और मानव तस्करी के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है।
मामला ज्वालापुर क्षेत्र का है, जहां दिसंबर 2022 में सात महीने का एक बच्चा अपने घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और अगले ही दिन मुखबिर की सूचना पर दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों महिलाओं ने बच्चे का अपहरण कर उसे बेचने की साजिश रची थी। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण पांच आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
इस मामले में आरके श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट के इस फैसले को मानव तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम है।