नैनीताल के पहाड़पानी क्षेत्र में पूजा कार्यक्रम के दौरान मीट में मिर्च ज्यादा होने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
नैनीताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यह साबित कर दिया कि गुस्से में लिया गया एक गलत फैसला कई जिंदगियां तबाह कर सकता है। पूजा कार्यक्रम में मीट में मिर्च ज्यादा होने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया और एक युवक की जान चली गई। अब करीब छह साल बाद अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा दी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना सितंबर 2019 में पहाड़पानी क्षेत्र के कालागढ़ी गधेरे में आयोजित एक पूजा कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में बलि के बाद मीट बनाया गया था। इसी दौरान मीट में मिर्च अधिक होने को लेकर अशोक मेलकानी और ललित मोहन चौसाली के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत करा दिया।
बताया गया कि कुछ देर बाद अशोक कार्यक्रम स्थल से अपने घर के लिए निकल गया, लेकिन गुस्से में आरोपी उसके पीछे पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। तो वही मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कई गवाह पेश किए गए। हालांकि कुछ गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह राशि मृतक के परिवार को देने के भी निर्देश दिए हैं।