रामनगर नगर पालिका में खरीद प्रक्रिया को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप। सभासद ने चेयरमैन और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए, जबकि अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताया है। मामले में जांच की मांग तेज हो गई है।
रामनगर नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। मामला शुरू होता है पालिका के सभासद शमीम अहमद से… जिन्होंने सीधे-सीधे चेयरमैन हाजी मोहम्मद अकरम और पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, सभासद का कहना है कि नगर पालिका में करोड़ों रुपये की सामग्री खरीद में नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि बिना बोर्ड की स्वीकृति के जेम पोर्टल के जरिए खरीदारी की जा रही है… और बोर्ड बैठकों में उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने ये भी दावा किया कि बैठकों की कार्यवाही ठीक से दर्ज नहीं होती… और कई बार सादे कागजों पर नोटिंग कर ली जाती है।
यही नहीं… सोलर लाइट खरीद को लेकर भी उन्होंने बड़ा सवाल उठाया है। उनके मुताबिक करीब 100 लाइटें करीब ₹37 हजार प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी गईं… जबकि बाजार में इसकी कीमत कम बताई जा रही है। इसके अलावा 200 से ज्यादा लाइटों की दूसरी खरीद को लेकर भी उन्होंने दस्तावेज मांगे हैं।
बता दे, सभासद का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से लेकर कुमाऊं कमिश्नर और शहरी विकास विभाग तक की है… और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट का रुख करेंगे।
अब दूसरी तरफ… चेयरमैन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत भड़ास है और सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल करना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यहां तक कह दिया— “जब दिया बुझता है, तो फड़फड़ाता है।”
वहीं, अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने साफ किया कि सभी टेंडर प्रक्रिया नियमों के तहत और पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है… और बोर्ड की मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ती है।
अब पूरे मामले में आरोप और जवाब दोनों सामने हैं… लेकिन सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ होगा।